🙏🙏थॉमस अल्वा एडिसन औरउनकी मां 👩।🙏🙏✌आज मदर्स डे के अवसर पर हम कहानी सुनाने जा रहे हैं थॉमस अल्वा एडिसन की मां की। यह एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है। एडीसन बचपन में एक औसत से भी कम दर्जे के विद्यार्थी थे। शिक्षकों ने यह मान लिया था कि वे ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाएंगे और हमेशा ही बुरा रिजल्ट लाएंगे । एक बार यहां तक नौबत आ गई कि उनके शिक्षकों ने उनकी मां के पास एक नोट लिखकर भेजा कि आपका बेटा हमारे विद्यालय में नहीं पढ़ सकता है उसको किसी और विद्यालय में ले जाइए क्योंकि वह इस विद्यालय में सभी छात्रों का मुकाबला नहीं कर पा रहा है सभी छात्रों के मुकाबले बहुत ही निम्न प्रदर्शन कर रहा है। अल्वा एडिसन को पढ़ना नहीं आता था । उन्होंने वह नोट ले जाकर अपनी मां को दिया और मां से पूछा कि टीचर ने क्या लिखा है ?तब मां ने बताया कि आपके शिक्षकों ने लिखा है कि “आप बहुत ही होशियार बच्चे हो और इतना होशियार बच्चा उनके स्कूल में पढ़ाई नहीं कर पाएगा उसको किसी बहुत अच्छे स्कूल में भर्ती करवाना पड़ेगा । इसलिए आपको मैं एक बहुत अच्छे स्कूल में एडमिशन दिलवा दूंगी। ” एडिसन  यह बात सुनकर बहुत खुश हुए यही बच्चा आगे से चलकर पूरे विश्व में प्रख्यात हुआ एडिसन ने बिजली के बल्ब बनाएं आज हम दुनिया बिना बिजली के बल्ब के कल्पना नहीं कर सकते हैं। वह एडिशन के ही बार-बार के प्रयत्नों के बाद बना । एडिशन पता नहीं कितनी बार प्रयोग कर कर के असफल होने के बावजूद प्रयोग करते रहे और अंत में सफल हो गए । यदि बचपन से ही उनकी मां ने उन्हें  प्रोत्साहन नहीं दिया होता तो एडिशन बिजली के बल्ब का आविष्कार नहीं कर पाते। उनकी मां की  यह प्रेरणादायक कहानी हर इंसान के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।👌👌👌👌

पढ़ना जारी रखें 🙏🙏थॉमस अल्वा एडिसन औरउनकी मां 👩।🙏🙏✌आज मदर्स डे के अवसर पर हम कहानी सुनाने जा रहे हैं थॉमस अल्वा एडिसन की मां की। यह एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है। एडीसन बचपन में एक औसत से भी कम दर्जे के विद्यार्थी थे। शिक्षकों ने यह मान लिया था कि वे ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाएंगे और हमेशा ही बुरा रिजल्ट लाएंगे । एक बार यहां तक नौबत आ गई कि उनके शिक्षकों ने उनकी मां के पास एक नोट लिखकर भेजा कि आपका बेटा हमारे विद्यालय में नहीं पढ़ सकता है उसको किसी और विद्यालय में ले जाइए क्योंकि वह इस विद्यालय में सभी छात्रों का मुकाबला नहीं कर पा रहा है सभी छात्रों के मुकाबले बहुत ही निम्न प्रदर्शन कर रहा है। अल्वा एडिसन को पढ़ना नहीं आता था । उन्होंने वह नोट ले जाकर अपनी मां को दिया और मां से पूछा कि टीचर ने क्या लिखा है ?तब मां ने बताया कि आपके शिक्षकों ने लिखा है कि “आप बहुत ही होशियार बच्चे हो और इतना होशियार बच्चा उनके स्कूल में पढ़ाई नहीं कर पाएगा उसको किसी बहुत अच्छे स्कूल में भर्ती करवाना पड़ेगा । इसलिए आपको मैं एक बहुत अच्छे स्कूल में एडमिशन दिलवा दूंगी। ” एडिसन  यह बात सुनकर बहुत खुश हुए यही बच्चा आगे से चलकर पूरे विश्व में प्रख्यात हुआ एडिसन ने बिजली के बल्ब बनाएं आज हम दुनिया बिना बिजली के बल्ब के कल्पना नहीं कर सकते हैं। वह एडिशन के ही बार-बार के प्रयत्नों के बाद बना । एडिशन पता नहीं कितनी बार प्रयोग कर कर के असफल होने के बावजूद प्रयोग करते रहे और अंत में सफल हो गए । यदि बचपन से ही उनकी मां ने उन्हें  प्रोत्साहन नहीं दिया होता तो एडिशन बिजली के बल्ब का आविष्कार नहीं कर पाते। उनकी मां की  यह प्रेरणादायक कहानी हर इंसान के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।👌👌👌👌