भगवान के घर देर है अंधेर नहीं कहावत का अर्थ है कि देर से ही सही परंतु न्याय जरूर होता है।

भगवान कई बार अच्छे कर्मों का फल देर से देते हैं परंतु देते अवश्य है । इसीलिए उसे इस तरह कहा जाता है कि भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की  सफलता की कहानी हमें इसी बात की याद दिलाती है कि भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं ।क्योंकि  कई बार उनके हाथ से मौके निकल गए  और उन्हें सही मौका नहीं मिला ।लेकिन अंत में उन्हें सही मौका मिला भारतीय टीम में आने का, प्रदर्शन करने का और उसके बाद उन्होंने कप्तान बनकर भी लोगों को दिखा दिया। … पढ़ना जारी रखें भगवान के घर देर है अंधेर नहीं कहावत का अर्थ है कि देर से ही सही परंतु न्याय जरूर होता है।

जाको राखे साइयां मार सके न कोय।

इस कहावत का अर्थ है कि जिस पर भगवान की कृपा रहती है उसे कोई भी परास्त नहीं कर सकता है जिसे जिसकी रक्षा भगवान स्वयं करते हैं उसे कोई भी नहीं मार सकता है। इस कहावत को इस कहानी से समझा जा सकता है एक बार भूकंप आया और पूरी की पूरी बिल्डिंग उस भूकंप में गिर गई ।कई लोग मारे गए और सभी के घर बर्बाद हो गए परंतु एक छह महीने का बालक बच गया। थे इसी को कहते हैं कि जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। पढ़ना जारी रखें जाको राखे साइयां मार सके न कोय।

कंधे से कंधा मिलाकर चलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग  अर्थ -मिलकर काम करना

वाक्य प्रयोग-१-अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए दोनों भाई कंधे से कंधा मिलाकर चले। २-भारत के नागरिकों ने देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन किये। पढ़ना जारी रखें कंधे से कंधा मिलाकर चलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग  अर्थ -मिलकर काम करना

       बढ़े चलो

अरे मुसाफिर क्या कहते हैं? तुमसे धरती, सूरज और चंदा । चले चलेो रुकने का नाम न लो। देखो यह घडी की सुई । कदम 👣, बढ़ाते जाओ अब ठहर गए तुम तो जीवन रुक जाएगा। चलना ही जीवन है। रफ्तार बढ़ा कर , मंजिल पालो तुम। पढ़ना जारी रखें        बढ़े चलो

जीत के लिए जोश से जूझना है जरूरी✌

,, जीत के लिए जोश से जूझना है जरूरी। तृप्ति के लिए प्यास को बढ़ालो ।सुबह के लिए रात को गले लगाना है जरूरी। हंसने की हसरतें है तो आंसुओं को पी के मुस्कुरा ले मूर्तियों को बनाना है तो पत्थरों को तोड़ना है जरूरी । चांदनी उन्हीं को दिखती है जो घटते बढ़ते चांद को निहारते । पूर्णिमा के आने तक अमावस में भी आशा के दीप को जलाए रखना है जरूरी। किनारे पर बैठकर क्या खाक मंजिलें मिलें गी। , समुद्र को पार करना है तो लहरों को चीरकर बढ़ना है जरूरी ।जीत के लिए जोश से जूझना … पढ़ना जारी रखें जीत के लिए जोश से जूझना है जरूरी✌

🙏रामायण से जुड़े ११ सवाल🙏 १भगवान राम के पुत्रों के नाम क्या थे? लव और कुश ।  २देवी सीता की तीनों बहनों के नाम?                 उर्मिला ,मांडवी और सुकीर्ति। 3 देवी सीता की माता का नाम, क्या था?                       महारानी सुनैना   ।                 ४ हनुमान जी की माता का नाम क्या था?               अंजनी  ।                                                                          ५ युद्ध के दौरान मूर्छित होने पर लक्ष्मण का इलाज किस वैद्य ने किया ?                   वैद्य सुषेण  ।  ६मेघनाद  रावण का पुत्र था या    भाई    ?                                 ६मेघनाद  रावण का पुत्र था    ।                         ७ युद्ध के दौरान राम और लक्ष्मण को अपहरण करके पाताल लोक में कौन ले गया था  ?                         अहिरावण  ।                                         ८लक्ष्मण की माता का नाम क्या था  ?                        लक्ष्मण की माता का नाम सुमित्रा था ।                          ९ भगवान राम के गुरु का नाम क्या था?                      भगवान राम के गुरु का नाम वशिष्ठ  था।                         १० राजा जनक के गुरु का नाम क्या था?                         राजा जनक के गुरु का नाम विश्वामित्र था।

११- वनवास जाते समय भगवान राम लक्ष्मण और देवी सीता को गंगा पार किसने कराया था? ११ -वनवास जाते समय भगवान राम लक्ष्मण और देवी सीता को गंगा पार केवट ने कराया था। पढ़ना जारी रखें 🙏रामायण से जुड़े ११ सवाल🙏 १भगवान राम के पुत्रों के नाम क्या थे? लव और कुश ।  २देवी सीता की तीनों बहनों के नाम?                 उर्मिला ,मांडवी और सुकीर्ति। 3 देवी सीता की माता का नाम, क्या था?                       महारानी सुनैना   ।                 ४ हनुमान जी की माता का नाम क्या था?               अंजनी  ।                                                                          ५ युद्ध के दौरान मूर्छित होने पर लक्ष्मण का इलाज किस वैद्य ने किया ?                   वैद्य सुषेण  ।  ६मेघनाद  रावण का पुत्र था या    भाई    ?                                 ६मेघनाद  रावण का पुत्र था    ।                         ७ युद्ध के दौरान राम और लक्ष्मण को अपहरण करके पाताल लोक में कौन ले गया था  ?                         अहिरावण  ।                                         ८लक्ष्मण की माता का नाम क्या था  ?                        लक्ष्मण की माता का नाम सुमित्रा था ।                          ९ भगवान राम के गुरु का नाम क्या था?                      भगवान राम के गुरु का नाम वशिष्ठ  था।                         १० राजा जनक के गुरु का नाम क्या था?                         राजा जनक के गुरु का नाम विश्वामित्र था।

🖊आकाश को छू लोगे  ✌    आकाश को छू लोगे,गर पिंजरा तोडो तो|                     जीवन को जी लोगे, गर पिंजरा तोडो तो| पर्वत ,खेतों ,खलिहानों  को देखोगे , पलकों को  खोलो तो|                                      अगली पिछली बातोंके लिए समय नही है| अभी ही निर्णय लॆना है| देश का नव निर्माण करोगे,  इस दुर्बल मन को समझाऒ तो|                   देव प्रसन्न हो जायेंगे तुमसे ,मंदिर के पट खुल जायेंगे |पूजा के फूल उठाओ तो|                                               सीढी पूरी चढ जाओगे, हिम्मत से एक कदम उठाओ तो |   थक जाना ,तो रुक जाना |थक जाना ,तो रुक जाना ; लेकिन तुम हो कठिन तपस्वी |साधना को छोड ना देना बीच में| पूरी कर लोगे प्रतिज्ञा; हाथ उठाओ तो|                                 रात देख कर डरो नहीं, सूरज तो आने वाला है| किरणें प्रकाशित कर जायेंगी तुमको |  थमो नहीं, उडने की ठानो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|                             हॅस हॅस कर ठहाके लगाओगे , जश्न सफलता का मनाओगे; थोडासा अपने होठों को फैलाओ तो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|

🖊 संगीता मिश्रा✌ पढ़ना जारी रखें 🖊आकाश को छू लोगे  ✌    आकाश को छू लोगे,गर पिंजरा तोडो तो|                     जीवन को जी लोगे, गर पिंजरा तोडो तो| पर्वत ,खेतों ,खलिहानों  को देखोगे , पलकों को  खोलो तो|                                      अगली पिछली बातोंके लिए समय नही है| अभी ही निर्णय लॆना है| देश का नव निर्माण करोगे,  इस दुर्बल मन को समझाऒ तो|                   देव प्रसन्न हो जायेंगे तुमसे ,मंदिर के पट खुल जायेंगे |पूजा के फूल उठाओ तो|                                               सीढी पूरी चढ जाओगे, हिम्मत से एक कदम उठाओ तो |   थक जाना ,तो रुक जाना |थक जाना ,तो रुक जाना ; लेकिन तुम हो कठिन तपस्वी |साधना को छोड ना देना बीच में| पूरी कर लोगे प्रतिज्ञा; हाथ उठाओ तो|                                 रात देख कर डरो नहीं, सूरज तो आने वाला है| किरणें प्रकाशित कर जायेंगी तुमको |  थमो नहीं, उडने की ठानो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|                             हॅस हॅस कर ठहाके लगाओगे , जश्न सफलता का मनाओगे; थोडासा अपने होठों को फैलाओ तो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|

मंत्रमुग्ध होना, मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग                    अर्थ- अति प्रसन्न होना|                                        इस मुहावरे का उपयोग ज्यादातर किसी की बाते सुन कर जब इंसान बहुत ज्यादा, प्रभावित हो जाता है, तब किया जाता है |ज्यादातर आस पास का वातावरण इंसान के मन पर प्रभाव डालता है । इन्सान प्रसन्न हो उठता है तब हम इस मुहावरे का  प्रयोग करते है|        १-मीना का गाना सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये|          २- कार्टून चित्रपट देखकर बच्चे मंत्रमुग्ध हो गये |                   ३  -ऊटी का नैसर्गिक सौंदर्य देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो गये|                       ४-चित्रकला प्रदर्शनी देखकर हम सभी महिलायें मंत्रमुग्ध हो गईं|

पढ़ना जारी रखें मंत्रमुग्ध होना, मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग                    अर्थ- अति प्रसन्न होना|                                        इस मुहावरे का उपयोग ज्यादातर किसी की बाते सुन कर जब इंसान बहुत ज्यादा, प्रभावित हो जाता है, तब किया जाता है |ज्यादातर आस पास का वातावरण इंसान के मन पर प्रभाव डालता है । इन्सान प्रसन्न हो उठता है तब हम इस मुहावरे का  प्रयोग करते है|        १-मीना का गाना सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये|          २- कार्टून चित्रपट देखकर बच्चे मंत्रमुग्ध हो गये |                   ३  -ऊटी का नैसर्गिक सौंदर्य देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो गये|                       ४-चित्रकला प्रदर्शनी देखकर हम सभी महिलायें मंत्रमुग्ध हो गईं|

सर आंखों पर बिठाना

सिर आंखों पर बिठाना- अर्थ बहुत मान सम्मान देना|बहुत महत्व देना| स्पष्टीकरण किसी इंसान को बहुत मान सम्मान देना या किसी इंसान की बातों को बहुत अधिक महत्व देना| कभी-कभी हम जिस इंसान को पसंद करते हैं उसे और उसकी बातों को बहुत अधिक महत्व देते हैं| १ – ससुराल में शीला को सास ने सर आंखों पर बिठा कर रखा है | २भारत की प्राचीन परंपरा है कि पत्नियां पति को सर आंखों पर बिठा कर रखती हैं| ३-बिट्टू जब भी नानी के घर रहने जाती है; नानी उसे सर आंखों पर बिठा कर रखती हैं| पढ़ना जारी रखें सर आंखों पर बिठाना

Diwali in 2022 -A festival of hope and a source of happiness

😀Happiness😀 Festivals are the source of happiness .As we all know that happiness comes from within; so when the festivals are around, our belief in rituals drives us to prepare for the festivals .Ultimately in the process of preparation of festival and rituals the happiness arises from within . This is the beauty which not only binds us with family members but also with society. Every generation has its own reason for happiness. Diwali increases the range of happiness because it is a festival of many days .It combines with the cleaning of house to welcome Goddess Lakshmi ,buying new … पढ़ना जारी रखें Diwali in 2022 -A festival of hope and a source of happiness

Our Independence Day/Check your patriotic duty score

15th August 2020🏳‍🌈 15th August 1947 was the day when we got freedom due to the selfless sacrifices of the people of our country. Our freedom struggle was very long and full of the stories of bravery of our beloved ancestors. Let’s question ourselves that what moral duties are we fulfilling towards our country? Let’s find out our Patriotic duties score All these years we have been celebrating our Independence Day with great enthusiasm but this year is different from last few years.The year 2020 changed the world’s scenario. There was a call to stay indoor due to world wide … पढ़ना जारी रखें Our Independence Day/Check your patriotic duty score

संकल्पसे सफलता, अब होगी श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा ।

प्रभु की कृपा भयउ सब काजु| जन्म हमार सुफल भा आजु॥ एक दृढ़् संकल्प बड़े से बड़े सफल परिणाम देता है| भारत के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को न्याय मिला |भक्तों ने भगवान को स्थापित करने का बीड़ा उठाया |सर्वोच्च … पढ़ना जारी रखें संकल्पसे सफलता, अब होगी श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा ।

आंखें झुकाना

आंखें झुका ना -समर्पण करना,गलती मान लेना|, कोई उत्तर ना दे पाना स्पष्टीकरण -जब इंसान अपनी गलती स्वीकार कर लेता है तब उस परिस्थिति में इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है| आंखें झुकाने का अर्थ होता है इंसान ने अपनी हार स्वीकार कर ली| वाक्य प्रयोग -१होमवर्क ना करके आने पर टीचर ने पप्पू को डांटा तो उसने आंखें झुका ली | २कछुए से हार जाने पर खरगोश ने आंखें झुका ली| ३ पुलिस ने चोर के खिलाफ इकट्ठा किए गए सबूतों को जज के सामने रख दिया तो चोर ने आंखें झुका ली। पढ़ना जारी रखें आंखें झुकाना

आंख से आंख मिलाना –

आंख से आंख मिलाना -बिना डरे हुए आत्मविश्वास से खड़े होना |आत्मविश्वास झलक ना| स्पष्टीकरण ःजब लोग सवाल करते हैं तो जो लोग सच्चे रहते हैं वह बिना डरे हुए सामने खड़े होते हैं |उनसे आंखों में आंखें मिलाकर मिलाकर उनका जवाब देते हैं |यदि कोई अपने कार्य से स्वयं लज्जित रहता है तो वह लोगों की आंखों में आंखें डाल कर जवाब नहीं दे पाता है | वाक्य प्रयोग १-चोरी करते हुए पकड़े जाने पर मोहन चाचा जी के आंख से आंख नहीं मिला पा रहा था| २-अदालत में वकील के प्रश्नों के जवाब सचिन ने उसकी आंखों में … पढ़ना जारी रखें आंख से आंख मिलाना –

अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना

अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना  |   अर्थ -अपनी तारीफ स्वयं करना l स्पष्टीकरण -जब कोई इंसान अपनी तारीफ स्वयं करने लगता है तो कहा जाता है कि वह अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रहा है | * प्रयोग -1अपने द्वारा किए गए किसी भी कार्य की तारीफ दूसरों के मुंह से सुनना चाहिए ना कि अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना चाहिए| 2-नेता जी अपने पूरे भाषण में सिर्फ अपनी तारीफ करके अपने मुंह मियां मिट्ठू बनते रहे| पढ़ना जारी रखें अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना