एक पंथ दो काज -एक साथ दो कार्य हो जाना| स्पष्टीकरण-, एक पंथ दो काज मुहावरे का हम तब प्रयोग करते हैं जब कभी -कभी हम एक कार्य करने के उद्देश्य से जाते हैं; लेकिन साथ ही और दूसरे कार्य भी हो जाते हैं। तो उसे कहते हैं एक पंथ दो काज| वाक्य प्रयोग-१ – मैं बाजार जा ही रही थी तो मैंने मेरी सहेली मीना के लिए एक दुपट्टा भी खरीद कर एक पंथ दो काज, किए |२ -अनिल हमेशा देश के कोने कोने के मंदिरों का प्रवास करते हैं इससे उनका घूमना भी हो जाता है और तीर्थ यात्रा भी हो जाती है एक पंथ दो काज|

पढ़ना जारी रखें एक पंथ दो काज -एक साथ दो कार्य हो जाना| स्पष्टीकरण-, एक पंथ दो काज मुहावरे का हम तब प्रयोग करते हैं जब कभी -कभी हम एक कार्य करने के उद्देश्य से जाते हैं; लेकिन साथ ही और दूसरे कार्य भी हो जाते हैं। तो उसे कहते हैं एक पंथ दो काज| वाक्य प्रयोग-१ – मैं बाजार जा ही रही थी तो मैंने मेरी सहेली मीना के लिए एक दुपट्टा भी खरीद कर एक पंथ दो काज, किए |२ -अनिल हमेशा देश के कोने कोने के मंदिरों का प्रवास करते हैं इससे उनका घूमना भी हो जाता है और तीर्थ यात्रा भी हो जाती है एक पंथ दो काज|

एक और एक ग्यारह होना मुहावरा मुहावरे का अर्थ- बेहतर नतीजे के लिए कार्य को साथ में करना

स्पष्टीकरण– जब दो लोग किसी कार्य की सिद्धि के लिए एक साथ मिलकर काम करते हैं तो उसे कहा जाता है कि एक और एक ग्यारह हो जाएंगे अर्थात कार्य और भी ज्यादा बेहतर ढंग से होगा 2 लोगों के साथ में कार्य करने पर शक्ति और बुद्धि दोनों ही बढ़ जाते हैं ,, वाक्य प्रयोग –१-रवि और सुकन्या दोनों ने मिलकर अपने घर की आर्थिक परिस्थिति को संभाल लिया ,सचमुच एक और एक ग्यारह होते हैं। २ -अगर व्यापार करने के लिए एक अच्छा साझेदार मिल जाए तो एक और एक ग्यारह हो जाते हैं। एक और एक ग्यारह … पढ़ना जारी रखें एक और एक ग्यारह होना मुहावरा मुहावरे का अर्थ- बेहतर नतीजे के लिए कार्य को साथ में करना

🖊आकाश को छू लोगे  ✌    आकाश को छू लोगे,गर पिंजरा तोडो तो|                     जीवन को जी लोगे, गर पिंजरा तोडो तो| पर्वत ,खेतों ,खलिहानों  को देखोगे , पलकों को  खोलो तो|                                      अगली पिछली बातोंके लिए समय नही है| अभी ही निर्णय लॆना है| देश का नव निर्माण करोगे,  इस दुर्बल मन को समझाऒ तो|                   देव प्रसन्न हो जायेंगे तुमसे ,मंदिर के पट खुल जायेंगे |पूजा के फूल उठाओ तो|                                               सीढी पूरी चढ जाओगे, हिम्मत से एक कदम उठाओ तो |   थक जाना ,तो रुक जाना |थक जाना ,तो रुक जाना ; लेकिन तुम हो कठिन तपस्वी |साधना को छोड ना देना बीच में| पूरी कर लोगे प्रतिज्ञा; हाथ उठाओ तो|                                 रात देख कर डरो नहीं, सूरज तो आने वाला है| किरणें प्रकाशित कर जायेंगी तुमको |  थमो नहीं, उडने की ठानो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|                             हॅस हॅस कर ठहाके लगाओगे , जश्न सफलता का मनाओगे; थोडासा अपने होठों को फैलाओ तो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|

🖊 संगीता मिश्रा✌ पढ़ना जारी रखें 🖊आकाश को छू लोगे  ✌    आकाश को छू लोगे,गर पिंजरा तोडो तो|                     जीवन को जी लोगे, गर पिंजरा तोडो तो| पर्वत ,खेतों ,खलिहानों  को देखोगे , पलकों को  खोलो तो|                                      अगली पिछली बातोंके लिए समय नही है| अभी ही निर्णय लॆना है| देश का नव निर्माण करोगे,  इस दुर्बल मन को समझाऒ तो|                   देव प्रसन्न हो जायेंगे तुमसे ,मंदिर के पट खुल जायेंगे |पूजा के फूल उठाओ तो|                                               सीढी पूरी चढ जाओगे, हिम्मत से एक कदम उठाओ तो |   थक जाना ,तो रुक जाना |थक जाना ,तो रुक जाना ; लेकिन तुम हो कठिन तपस्वी |साधना को छोड ना देना बीच में| पूरी कर लोगे प्रतिज्ञा; हाथ उठाओ तो|                                 रात देख कर डरो नहीं, सूरज तो आने वाला है| किरणें प्रकाशित कर जायेंगी तुमको |  थमो नहीं, उडने की ठानो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|                             हॅस हॅस कर ठहाके लगाओगे , जश्न सफलता का मनाओगे; थोडासा अपने होठों को फैलाओ तो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|

सर आंखों पर बिठाना

सिर आंखों पर बिठाना- अर्थ बहुत मान सम्मान देना|बहुत महत्व देना| स्पष्टीकरण किसी इंसान को बहुत मान सम्मान देना या किसी इंसान की बातों को बहुत अधिक महत्व देना| कभी-कभी हम जिस इंसान को पसंद करते हैं उसे और उसकी बातों को बहुत अधिक महत्व देते हैं| १ – ससुराल में शीला को सास ने सर आंखों पर बिठा कर रखा है | २भारत की प्राचीन परंपरा है कि पत्नियां पति को सर आंखों पर बिठा कर रखती हैं| ३-बिट्टू जब भी नानी के घर रहने जाती है; नानी उसे सर आंखों पर बिठा कर रखती हैं| पढ़ना जारी रखें सर आंखों पर बिठाना

भाग्य जागना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

भाग्य    जागना -, अर्थ -तकदीर खुलना | । स्पष्टीकरण – कभी कभी इन्सान के जीवन मे अचानक ही खुशियाँ आ जाती हैं, तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है | 1-अमीर और योग्य वर पाकर पायल का भाग्य जाग गया| 2-नयॆबॉस के आते ही सुनील का भाग्य जाग गया| पढ़ना जारी रखें भाग्य जागना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

सिर पर सवार होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य में प्रयोग

सिर पर सवार होना – पीछे पडना| 1-शीला नौकरानी के सिर पर सवार होकर काम करवाती है | 2-गोपी को अपने बेटे बबलू का होमवर्क कराने के लिए उसके सिर पर सवार होना पड़ता है| 3 पप्पू ने मम्मी के सिर पर सवार होकर पिकनिक जाने के लिए पैसे लिए| पढ़ना जारी रखें सिर पर सवार होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य में प्रयोग

आंखें झुकाना

आंखें झुका ना -समर्पण करना,गलती मान लेना|, कोई उत्तर ना दे पाना स्पष्टीकरण -जब इंसान अपनी गलती स्वीकार कर लेता है तब उस परिस्थिति में इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है| आंखें झुकाने का अर्थ होता है इंसान ने अपनी हार स्वीकार कर ली| वाक्य प्रयोग -१होमवर्क ना करके आने पर टीचर ने पप्पू को डांटा तो उसने आंखें झुका ली | २कछुए से हार जाने पर खरगोश ने आंखें झुका ली| ३ पुलिस ने चोर के खिलाफ इकट्ठा किए गए सबूतों को जज के सामने रख दिया तो चोर ने आंखें झुका ली। पढ़ना जारी रखें आंखें झुकाना

आंखें दिखाना

आंखें दिखाना- आंखों से डराना | स्पष्टीकरण– कई बार लोग शब्दों का प्रयोग ना करके दूसरों को आंखों से डराते हैं |उन्हें डांटने के बदले इशारे से समझाते हैं कि वे सामने वाले से नाराज हैं उसे सुधारने के लिए इशारा कर रहे हैं |अक्सर लोग अपने से छोटों को गलती करने पर मेहमानों के सामने आंखें दिखाते हैं| मुख्य रूप से इस मुहावरे का प्रयोग तभी किया जाता है जब हम सामने वाले की हरकत से अप्रसन्न होते हैं |अपनी अप्रसन्नता व्यक्त करने के लिए लोग आंखें दिखाते हैं| वाक्य प्रयोग-१- मेहमानों के सामने बदमाशी करने पर जेठालाल टप्पू … पढ़ना जारी रखें आंखें दिखाना

आंखें दिखाना

आंखें दिखाना अर्थ- आंखों से डराना | स्पष्टीकरण- कई बार लोग किसी को बिना बोले ही आंखों से डराते हैं अक्सर माता-पिता मेहमानों के आने पर बच्चों को बिना डटे हुए आंखों से डराते हैं | वाक्य प्रयोग -१-मेहमानों के सामने टप्पू के लगातार बदमाशी करने पर उसके पिता जेठालाल उसे आंखें दिखाने लगे| पढ़ना जारी रखें आंखें दिखाना

जान है तो जहां है

अर्थ – पहले जीवन की सुरक्षा, फिर दुनिया के दूसरे सुख।वाक्य प्रयोग – आज कल लोग कोरोना वायरस के डर से घर में बैठे है,लोग जानते हैं कि जान है तो जहां है।स्पष्टीकरण -भारत के प्रधान मंत्री,श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लॉकडाउन का ऐलान कर दिया, दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन है, क्योंकि सब जानते हैं ज़िन्दगी को बचाना ज़रूरी है।अगर जीवित रहेंगे तभी जीवन के सब सुखों का आनंद उठा पाएंगे। पढ़ना जारी रखें जान है तो जहां है

पांचों उंगलियां घी में होना –

पांचों उंगलियां घी में होना – अर्थ-सब तरफ से लाभ ही लाभ होना| वाक्य प्रयोग-१-आजकल के क्रिकेटर क्रिकेट खेलने के साथ ही आईपीएल मैच भी खेलते हैं ;उन पर फिल्में और विज्ञापन भी बनती हैं उनकी तो पांचों उंगलियां घी में है । सुवर्णा और उसके बेटे बहू सरकारी नौकरी से खूब कमा रहे हैं उनकी तो पांचों उंगलियां घी में है। पढ़ना जारी रखें पांचों उंगलियां घी में होना –

दिल बाग बाग होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य में प्रयोग

अर्थ – बहुत खुश होना । स्पष्टीकरण – कई बार हम कई ऐसे व्यक्तियों से मिलते हैं जिन्हें देखकर हमें बहुत खुशी होती है । कई बार जीवन में ऐसी परिस्थितियां आती हैं जिन्हें देखकर हम बहुत खुश हो जाते … पढ़ना जारी रखें दिल बाग बाग होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य में प्रयोग

आकाश पाताल एक कर देना

अर्थ:- किसी भी चीज को पूरी मेहनत से करना। स्पष्टीकरण:- यदि कोई व्यक्ति किसी भी चीज को मन लगाकर,, दिन रात मेहनत करके पूरी तरह से हासिल करने मे लग जाए तो हम कहते हैं कि उस व्यक्ति ने उस चीज को पाने के लिए आकाश पाताल एक कर दिया। वाक्य में प्रयोगदुनिया भर के डॉक्टरों ने कोरोनावायरस के इलाज के लिए आकाश पाताल एक कर दिया है। पढ़ना जारी रखें आकाश पाताल एक कर देना