हिंदी कहानी सोमवारी अमावस्या और पीपल का पेड़

बीना मोबाइल पर स्क्रोल कर रही थी तभी उसकी नजर पड़ी, एक वाक्य पर |’सोमवारी अमावस्या का व्रत’|सोमवारी अमावस्या का व्रत ;अचानक उसके दिमाग में ख्याल आया मां भी तो करती थी यह व्रत| उस दिन मां बोलती नहीं थी मौन रहती थी| धीरे-धीरे उसका दिमाग बचपन की  यादों में खो गया। उसने सोचा मां भी एक धागा लेकर   पीपल के चारों तरफ घूमती थी |बचपन में वह भी तो उनके साथ जाती थी और देखती थी मां पीपल के पेड़ की परिक्रमा करती थी | उसके बाद फिर घर आकर तब बोलना शुरू करती थी| बचपन में इन बातों … पढ़ना जारी रखें हिंदी कहानी सोमवारी अमावस्या और पीपल का पेड़

Short motivational story –  मार्गदर्शन/ शार्ट, मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी

हम सब जानते हैं कि हमारे जीवन में समय समय पर शिक्षकों का मार्गदर्शन और उनकी मदद हमारी कितनी सहायता करती है ,उसी विषय के बारे में यह कहानी है। राजू  कक्षा ग्यारहवीं में पढ़ता था वह स्कूल में काफी होशियार था  , बोर्ड की  परीक्षा में पूरे स्कूल में दूसरे नंबर पर था ।लेकिन जब से वह कॉलेज में आया था कॉलेज का माहौल अलग लगता था। कॉलेज घर से बहुत दूर था । घरवालों ने उसकी सुविधा के लिए उसे हॉस्टल में रख दिया था । हॉस्टल कॉलेज से लगा हुआ था लेकिन राजू घर से दूर आकर … पढ़ना जारी रखें Short motivational story –  मार्गदर्शन/ शार्ट, मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी

🙏🙏थॉमस अल्वा एडिसन औरउनकी मां 👩।🙏🙏✌आज मदर्स डे के अवसर पर हम कहानी सुनाने जा रहे हैं थॉमस अल्वा एडिसन की मां की। यह एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है। एडीसन बचपन में एक औसत से भी कम दर्जे के विद्यार्थी थे। शिक्षकों ने यह मान लिया था कि वे ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाएंगे और हमेशा ही बुरा रिजल्ट लाएंगे । एक बार यहां तक नौबत आ गई कि उनके शिक्षकों ने उनकी मां के पास एक नोट लिखकर भेजा कि आपका बेटा हमारे विद्यालय में नहीं पढ़ सकता है उसको किसी और विद्यालय में ले जाइए क्योंकि वह इस विद्यालय में सभी छात्रों का मुकाबला नहीं कर पा रहा है सभी छात्रों के मुकाबले बहुत ही निम्न प्रदर्शन कर रहा है। अल्वा एडिसन को पढ़ना नहीं आता था । उन्होंने वह नोट ले जाकर अपनी मां को दिया और मां से पूछा कि टीचर ने क्या लिखा है ?तब मां ने बताया कि आपके शिक्षकों ने लिखा है कि “आप बहुत ही होशियार बच्चे हो और इतना होशियार बच्चा उनके स्कूल में पढ़ाई नहीं कर पाएगा उसको किसी बहुत अच्छे स्कूल में भर्ती करवाना पड़ेगा । इसलिए आपको मैं एक बहुत अच्छे स्कूल में एडमिशन दिलवा दूंगी। ” एडिसन  यह बात सुनकर बहुत खुश हुए यही बच्चा आगे से चलकर पूरे विश्व में प्रख्यात हुआ एडिसन ने बिजली के बल्ब बनाएं आज हम दुनिया बिना बिजली के बल्ब के कल्पना नहीं कर सकते हैं। वह एडिशन के ही बार-बार के प्रयत्नों के बाद बना । एडिशन पता नहीं कितनी बार प्रयोग कर कर के असफल होने के बावजूद प्रयोग करते रहे और अंत में सफल हो गए । यदि बचपन से ही उनकी मां ने उन्हें  प्रोत्साहन नहीं दिया होता तो एडिशन बिजली के बल्ब का आविष्कार नहीं कर पाते। उनकी मां की  यह प्रेरणादायक कहानी हर इंसान के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।👌👌👌👌

पढ़ना जारी रखें 🙏🙏थॉमस अल्वा एडिसन औरउनकी मां 👩।🙏🙏✌आज मदर्स डे के अवसर पर हम कहानी सुनाने जा रहे हैं थॉमस अल्वा एडिसन की मां की। यह एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है। एडीसन बचपन में एक औसत से भी कम दर्जे के विद्यार्थी थे। शिक्षकों ने यह मान लिया था कि वे ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाएंगे और हमेशा ही बुरा रिजल्ट लाएंगे । एक बार यहां तक नौबत आ गई कि उनके शिक्षकों ने उनकी मां के पास एक नोट लिखकर भेजा कि आपका बेटा हमारे विद्यालय में नहीं पढ़ सकता है उसको किसी और विद्यालय में ले जाइए क्योंकि वह इस विद्यालय में सभी छात्रों का मुकाबला नहीं कर पा रहा है सभी छात्रों के मुकाबले बहुत ही निम्न प्रदर्शन कर रहा है। अल्वा एडिसन को पढ़ना नहीं आता था । उन्होंने वह नोट ले जाकर अपनी मां को दिया और मां से पूछा कि टीचर ने क्या लिखा है ?तब मां ने बताया कि आपके शिक्षकों ने लिखा है कि “आप बहुत ही होशियार बच्चे हो और इतना होशियार बच्चा उनके स्कूल में पढ़ाई नहीं कर पाएगा उसको किसी बहुत अच्छे स्कूल में भर्ती करवाना पड़ेगा । इसलिए आपको मैं एक बहुत अच्छे स्कूल में एडमिशन दिलवा दूंगी। ” एडिसन  यह बात सुनकर बहुत खुश हुए यही बच्चा आगे से चलकर पूरे विश्व में प्रख्यात हुआ एडिसन ने बिजली के बल्ब बनाएं आज हम दुनिया बिना बिजली के बल्ब के कल्पना नहीं कर सकते हैं। वह एडिशन के ही बार-बार के प्रयत्नों के बाद बना । एडिशन पता नहीं कितनी बार प्रयोग कर कर के असफल होने के बावजूद प्रयोग करते रहे और अंत में सफल हो गए । यदि बचपन से ही उनकी मां ने उन्हें  प्रोत्साहन नहीं दिया होता तो एडिशन बिजली के बल्ब का आविष्कार नहीं कर पाते। उनकी मां की  यह प्रेरणादायक कहानी हर इंसान के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।👌👌👌👌

एक और एक ग्यारह होना मुहावरा मुहावरे का अर्थ- बेहतर नतीजे के लिए कार्य को साथ में करना

स्पष्टीकरण– जब दो लोग किसी कार्य की सिद्धि के लिए एक साथ मिलकर काम करते हैं तो उसे कहा जाता है कि एक और एक ग्यारह हो जाएंगे अर्थात कार्य और भी ज्यादा बेहतर ढंग से होगा 2 लोगों के साथ में कार्य करने पर शक्ति और बुद्धि दोनों ही बढ़ जाते हैं ,, वाक्य प्रयोग –१-रवि और सुकन्या दोनों ने मिलकर अपने घर की आर्थिक परिस्थिति को संभाल लिया ,सचमुच एक और एक ग्यारह होते हैं। २ -अगर व्यापार करने के लिए एक अच्छा साझेदार मिल जाए तो एक और एक ग्यारह हो जाते हैं। एक और एक ग्यारह … पढ़ना जारी रखें एक और एक ग्यारह होना मुहावरा मुहावरे का अर्थ- बेहतर नतीजे के लिए कार्य को साथ में करना