जीत के लिए जोश से जूझना है जरूरी✌

,, जीत के लिए जोश से जूझना है जरूरी। तृप्ति के लिए प्यास को बढ़ालो ।सुबह के लिए रात को गले लगाना है जरूरी। हंसने की हसरतें है तो आंसुओं को पी के मुस्कुरा ले मूर्तियों को बनाना है तो पत्थरों को तोड़ना है जरूरी । चांदनी उन्हीं को दिखती है जो घटते बढ़ते चांद को निहारते । पूर्णिमा के आने तक अमावस में भी आशा के दीप को जलाए रखना है जरूरी। किनारे पर बैठकर क्या खाक मंजिलें मिलें गी। , समुद्र को पार करना है तो लहरों को चीरकर बढ़ना है जरूरी ।जीत के लिए जोश से जूझना … पढ़ना जारी रखें जीत के लिए जोश से जूझना है जरूरी✌

🖊आकाश को छू लोगे  ✌    आकाश को छू लोगे,गर पिंजरा तोडो तो|                     जीवन को जी लोगे, गर पिंजरा तोडो तो| पर्वत ,खेतों ,खलिहानों  को देखोगे , पलकों को  खोलो तो|                                      अगली पिछली बातोंके लिए समय नही है| अभी ही निर्णय लॆना है| देश का नव निर्माण करोगे,  इस दुर्बल मन को समझाऒ तो|                   देव प्रसन्न हो जायेंगे तुमसे ,मंदिर के पट खुल जायेंगे |पूजा के फूल उठाओ तो|                                               सीढी पूरी चढ जाओगे, हिम्मत से एक कदम उठाओ तो |   थक जाना ,तो रुक जाना |थक जाना ,तो रुक जाना ; लेकिन तुम हो कठिन तपस्वी |साधना को छोड ना देना बीच में| पूरी कर लोगे प्रतिज्ञा; हाथ उठाओ तो|                                 रात देख कर डरो नहीं, सूरज तो आने वाला है| किरणें प्रकाशित कर जायेंगी तुमको |  थमो नहीं, उडने की ठानो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|                             हॅस हॅस कर ठहाके लगाओगे , जश्न सफलता का मनाओगे; थोडासा अपने होठों को फैलाओ तो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|

🖊 संगीता मिश्रा✌ पढ़ना जारी रखें 🖊आकाश को छू लोगे  ✌    आकाश को छू लोगे,गर पिंजरा तोडो तो|                     जीवन को जी लोगे, गर पिंजरा तोडो तो| पर्वत ,खेतों ,खलिहानों  को देखोगे , पलकों को  खोलो तो|                                      अगली पिछली बातोंके लिए समय नही है| अभी ही निर्णय लॆना है| देश का नव निर्माण करोगे,  इस दुर्बल मन को समझाऒ तो|                   देव प्रसन्न हो जायेंगे तुमसे ,मंदिर के पट खुल जायेंगे |पूजा के फूल उठाओ तो|                                               सीढी पूरी चढ जाओगे, हिम्मत से एक कदम उठाओ तो |   थक जाना ,तो रुक जाना |थक जाना ,तो रुक जाना ; लेकिन तुम हो कठिन तपस्वी |साधना को छोड ना देना बीच में| पूरी कर लोगे प्रतिज्ञा; हाथ उठाओ तो|                                 रात देख कर डरो नहीं, सूरज तो आने वाला है| किरणें प्रकाशित कर जायेंगी तुमको |  थमो नहीं, उडने की ठानो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|                             हॅस हॅस कर ठहाके लगाओगे , जश्न सफलता का मनाओगे; थोडासा अपने होठों को फैलाओ तो| आकाश को छू लोगे, गर पिंजरा तोडो तो|