हिंदी कहानी 500 का नोट/hindi kahani 500 ka note

रविवार की छुट्टी का दिन है। सविता खुशी से चाय की चुस्की लेते हुए किचन से ड्राइंग रूम की तरफ जा रही है । तभी ध्यान आया कि वॉशिंग मशीन में कपड़े धुले हुए पड़े हैं उन्हें डालने हैं । ओहो !कल देर रात तक साफ सफाई का काम करती रही धुले हुए कपड़े तो मशीन में ही पड़े रह गए !तुरंत ही एक हाथ में चाय का कप पकड़े हुए दूसरे हाथ में दो कपड़े लेकर बालकनी की तरफ चल पड़ी,।तभी कमरे में पढ़ती हुई बेटी पर नजर पड़ी , प्रोफेशनल परीक्षा देने वालों को तो चैन नहीं है। बस अब की बार इसका निकल जाए तो समझो गंगा नहाए। दो कपड़े डल चुके थे । चाय खत्म करते-करते बाल्टी में उसने सारे कपड़े भर दिए। पेशे से शिक्षिका होने के कारण वह दिवाली की छुट्टियों का भरपूर आनंद उठाताी था । मन लगाकर घर की साफ सफाई, और पकवान बनाने से लेकर दिवाली मनाने तक काफी उत्साहित रहती है। एक एक करके सारे कपड़े डल चुके हैं,पर यह क्या अचानक छज्जे पर सविता की नजर पड़ी तो 500 का नोट, दिख रहा है। ओहो लगता है कपड़े डालने के पहले चेक नहीं करने से यह हो गया। अब तो इसे निकालना ही पड़ेगा। झट से उसने बिट्टू को बुलाया बिट्टू बिट्टू, क्या हुआ मम्मी? बिट्टू ने पूछा। बिट्टू इंजीनियरिंग कर रही है उसकी भी छुट्टियां शुरू हो गई है। वह तैयार होकर सहेली से मिलने जा रही है ।” तुम तो घर से बाहर निकल ही रही हो, जरा छज्जे के नीचे पीछे की तरफ जाकर खड़ी हो जाओ मैं यह पांच सौ का नोट गिर आती हूं “।बिट्टू ने पूछा, “अगर यह नीचे वाली आंटी के छज्जे पर गिर गया तो? “फिर से ऊपर आकर नीचे वाली आंटी को कहना वह अपने , छज्जे से नोट नीचे गिरा दे और ले लेना। बिट्टू को देर तो हो रही थी पर मां का कहना मान कर नीचे खड़ी हो गई । मां ने नोट को धीरे से सरका कर नीचे की ओर धकेला। नोट अपनी मस्ती में उड़ता हुआ नीचे वाली आंटी के छज्जे पर जा गिरा। जिसका डर था वही हुआ !बिट्टू ने दौड़कर नीचे वाली आंटी का बैल बजाया ।उनकी बेटी किट्टू ने दरवाजा खोला । किट्टू ने कहा हाय बिट्टू !😊बिट्टू ने किट्टू को पूरी बात समझाई।

दोनों किट्टू ी बालकनी में आ गए कि ट्टू ने आईडिया सुझाया: क्यों ना हम लकड़ी पर हल्का सा , गोंद चिपका दे! नोट लकड़ी पर ही चिपक जाएगा। बिट्टू ने किट्टू का आइडिया सुन कर कहा कि ,”उसके बाद नोट निकालते वक्त फट गया तो?” 500 का नोट है हां , किट्टू को भी लगा कि शायद नोट फट सकता है।

नोट कट गया था क्या पहले आईडी या फॉलो करना पड़ेगा दोनों नोट को निकालने में लग गए। नोट अब की बार बड़ी ही फुर्ती से नीचे गिरा । उतनी ही फुर्ती से बिट्टू और किट्टू भी नीचे पहुंचे। लेकिन यह क्या नोट के गिरते ही वहां से गुजरती हुई मैसेज तिवारी के कुत्ते टॉमी ने नोट मुंह में उठा लिया। मैसेज तिवारी ने टॉमी को नोट गिराने की चेतावनी दी। पर वह नहीं माना यहां ऊपर से सविता और किट्टू की मां अपनी बालकनी से देख रहे थे । दोनों ने अपने-अपने घर से नीचे एक-एक रोटी डाली । ताकि टॉमी हो नोट छोड़कर रोटियां ले पर टॉमी को तो वह धुली हुई कड़क नोट ज्यादा आकर्षित कर रही थी। रोटियों की तरफ तो उसने देखा भी नहीं। मैसेज तिवारी ने कहा कि कुछ बढ़िया बिस्किट किस्म की बिस्किट फेको। सविता जल्दी से बिस्किट का पैकेट लेकर बिस्किट टॉमी की तरफ फेंकने लगी। टॉमी ने नोट नीचे गिरा कर बिस्कुट लपक लिया; लेकिन नोट को पांव के नीचे दबा लिया। अब तक किट्टू सविता और किट्टू की मां भी नीचे पहुंच गये थे। टॉमी नोट से पांव उठाने को तैयार न था; नोट अब तक मैंला  हो चुका था। तभी मैसेज तिवारी का बेटा जी तु गेंद लेकर पहुंचा गेंद देखते हैं टॉमी गेंद की तरफ लपका गेद से खेलने लगा। जीतू टॉमी को काफी दूर ले जा चुका था। सवित, 500 के नोट को मिट्टी में गंदा देखकर चिंतित हुई। उसने एक रुमाल से नोट को उठाया और सभी को धन्यवाद देकर वहां से, आ गई। उसने जल्दी घर आकर सोचा क्यों ना इसे फिर से मशीन में ही साफ कर लूं । हां आईडिया बुरा नहीं कुछ और कपड़े ढूंढ कर नोट को पर्स में डालकर सविता ने मशीन चला दिया। फिर पंखे के नीचे रखा और उसको प्रेस किया। पर्स से बाहर निकाला। एक कड़क धुला हुआ पांच सौ का नोट!