स्पष्टीकरण– जब दो लोग किसी कार्य की सिद्धि के लिए एक साथ मिलकर काम करते हैं तो उसे कहा जाता है कि एक और एक ग्यारह हो जाएंगे अर्थात कार्य और भी ज्यादा बेहतर ढंग से होगा 2 लोगों के साथ में कार्य करने पर शक्ति और बुद्धि दोनों ही बढ़ जाते हैं
,, वाक्य प्रयोग –१-रवि और सुकन्या दोनों ने मिलकर अपने घर की आर्थिक परिस्थिति को संभाल लिया ,सचमुच एक और एक ग्यारह होते हैं।
२ -अगर व्यापार करने के लिए एक अच्छा साझेदार मिल जाए तो एक और एक ग्यारह हो जाते हैं।
एक और एक ग्यारह होना मुहावरे पर आधारित एक कहानी
रवि एक मध्यमवर्गीय इंसान था। उसकी कमाई भी औसत थी ।इसीलिए घर में हमेशा ही खर्चों के मामलों को लेकर सोच विचार कर खर्चे करने पड़ते थे । उसकी पत्नी सुकन्या भी बहुत पढ़ी लिखी थी परंतु उनका घर हमेशा से रीति-रिवाजों और परंपराओं को मानता था । उनके यहां औरतें घर के बाहर काम करने नहीं जाती थी। लेकिन घर की आर्थिक तंगी के कारण एक दिन सुकन्या ने फैसला किया कि मैं अब बाहर नौकरी करूंगी।तभी हम घर के खर्चों को संभाल पाएंगे। रवि ने भी हामी भर दी। क्योंकि रवि जानता था एक और एक ग्यारह होते हैं । अगर दोनों मिलकर, काम करेंगे तो घर में दोहरी आमदनी आएगी और खर्च भी आराम से कर सकेंगे। सुकन्या बाहर बहुत ही जल्दी एक नौकरी करने लगी और घर की आमदनी बढ़ गई। इस तरह से एक और एक ग्यारह हो गए और घर की आमदनी में दोनों ने मिलकर योगदान दिया। दोनों सुखी जीवन व्यतीत करने लगे।
एक और एक ग्यारह होना मुहावरे को इस वीडियो द्वारा समझाया गया है सूरज और बारिश की बूंदे मिलकर इंद्रधनुष का निर्माण करते हैं।
