गुरु पूर्णिमा की कविता /महान गुरुओं को नमन

सतयुग से कलयुग तक हुए कितने गुरु महान! देवों ने भी किया प्रणाम🙏    आकार दिया, संस्कार दिया ,उत्थान किया ;उद्धार किया|                              ओ मेरे देश में हुए ऐसे गुरु ;  जिन्होंने रखी माटी की लाज|                                            चलो नमन 🙏करें उन्हें आज |

एक गुरु द्रोणाचार्य महान ;अर्जुन को बनाया तीरों से धनवान|  चलो नमन करें उन्हें आज|

एक गुरु चाणक्य चतुर; नई नीति का किया निर्माण|  दिया चंद्रगुप्त को अखंड भारत का ज्ञान |     चलो नमन करें उन्हें आज |

गुरु रवींद्रनाथ टैगोर; किया शिक्षा का प्रचार| शांतिनिकेतन को बनाया; बनाया विद्या का धाम|                                                 चलो नमन करें उन्हें आज |

चलो याद करें उन्हें;जो थे ज्योतिबा और सावित्रीबाई फुले | स्त्री शिक्षा का बीड़ा उठाया |                    वो भी , हां  ;वो भी हां; हर बुराई से लड़े |चलो नमन करें उन्हें आज|

डॉ विक्रम साराभाई ;अंतरिक्ष में भेजे यान| सशक्त परमाणु परीक्षण कराया | मार्ग दिखाया जिन्हें ;जिन्हें वे थे डॉक्टर अब्दुल कलाम|                 

    चलो नमन करें उन्हें आज |

चलो बात करें आच रेकर जी की , जिनके  शिष्य सचिन बने बल्लेबाज महान |         चलो नमन करें उन्हें आज|

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन; विज्ञान की दुनिया में दिलाया; दिलाया भारत को स्थान| शिक्षक को दिलाया ;दिलाया मान और सम्मान|                            

       चलो नमन करें उन्हें आज|

आकार दिया ;संस्कार दिया ;उत्थान किया; उद्धार किया |ओ मेरे देश में हुए ऐसे गुरु जिन्होंने रखी माटी की लाज |चलो नमन करें उन्हें आज||

धन्यवाद

संगीता मिश्रा

, भारत के महान गुरुओं को नमन

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