आंख से आंख मिलाना -बिना डरे हुए आत्मविश्वास से खड़े होना |आत्मविश्वास झलक ना|
स्पष्टीकरण ःजब लोग सवाल करते हैं तो जो लोग सच्चे रहते हैं वह बिना डरे हुए सामने खड़े होते हैं |उनसे आंखों में आंखें मिलाकर मिलाकर उनका जवाब देते हैं |यदि कोई अपने कार्य से स्वयं लज्जित रहता है तो वह लोगों की आंखों में आंखें डाल कर जवाब नहीं दे पाता है |
वाक्य प्रयोग १-चोरी करते हुए पकड़े जाने पर मोहन चाचा जी के आंख से आंख नहीं मिला पा रहा था|
२-अदालत में वकील के प्रश्नों के जवाब सचिन ने उसकी आंखों में आंखें डाल कर दिया | ३-सुशीला बहुत ही शर्मीली है इसीलिए लोगों की आंखों से आंख मिलाकर बात नहीं करतीहै|
